
**संक्षेप:** अमेरिका ने सीरिया में ISIS के 70 ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिसमें हाल ही में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया गया।
मुख्य बिंदु:
– अमेरिकी हवाई हमले में 70 ISIS ठिकाने तबाह हुए।
– यह कार्रवाई अमेरिका के दो सैनिकों की हत्या के जवाब में की गई।
– ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन हॉकआई’ रखा गया है।
– राष्ट्रपति ट्रम्प ने कार्रवाई को अपना वादा पूरा करने के रूप में बताया।
– सीरिया में अभी भी सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
अमेरिका की हवाई कार्रवाई का विवरण
अमेरिका ने शुक्रवार को सीरिया में ISIS से जुड़े 70 ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई हाल ही में हुए हमले के जवाब में की गई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक स्थानीय ट्रांसलेटर मारे गए थे। इस मिलिट्री ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन हॉकआई’ रखा गया है, जो कि मारे गए सैनिकों के आयोवा राज्य से संबंध को दर्शाता है।
हवाई हमलों का उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें आतंकवादियों के ठहरने की जगहें, हथियारों के गोदाम और अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इन हमलों को बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ जवाब है जिन्होंने अमेरिकी सैनिकों को मारा।
राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की हत्या के बाद अमेरिका अब आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि मारे गए बहादुर सैनिकों के शव पूरे सम्मान के साथ अमेरिका लाए गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। ट्रम्प ने यह भी कहा कि सीरिया में ISIS को पूरी तरह समाप्त करना आवश्यक है ताकि देश का भविष्य सुरक्षित हो सके।
सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सीरिया में अभी भी सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ये सैनिक ISIS के खिलाफ लड़ाई में लगे हुए हैं। 2014-15 में ISIS ने सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य कार्रवाई के बाद ISIS का अधिकांश इलाका उससे छिन गया है, लेकिन संगठन के बचे हुए लड़ाके अब भी खतरा बने हुए हैं।
ऑपरेशन का भविष्य
ऑपरेशन हॉकआई का उद्देश्य ISIS के बचे हुए आतंकियों को बड़ा झटका देना और यह सुनिश्चित करना है कि वे अमेरिकी सैनिकों या उनके सहयोगियों पर फिर से हमला न कर सकें। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपने सैनिकों पर हुए किसी भी हमले का कड़ा जवाब देगा और सीरिया में ISIS के बचे हुए नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश जारी रखेगा।
इस कार्रवाई से पहले हुए हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की पहचान 25 वर्षीय सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस तोवार और 29 वर्षीय सार्जेंट विलियम नाथानियल हॉवर्ड के रूप में हुई है। दोनों आयोवा राज्य के निवासी थे और आयोवा नेशनल गार्ड में सेवा दे रहे थे।